
Article by FOOTEM
रियाल मैड्रिड के साथ एक बार फिर पुर्तगाली कोच जोस मोरिन्हो का नाम जुड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोरिन्हो ने सैंटियागो बर्नब्यू में दोबारा कोच के रूप में वापसी करने की अपनी इच्छा जाहिर की है।
फैब्रिजियो रोमानो के मुताबिक, मोरिन्हो ने अपने करीबी लोगों को बताया है कि वह मैड्रिड की कमान फिर से संभालने के लिए तैयार हैं। क्लब जल्द ही अपने अगले मैनेजर की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है।
मोरिन्हो ने इससे पहले 2010 से 2013 के बीच रियाल मैड्रिड को कोचिंग दी थी। उस दौरान उन्होंने टीम को घरेलू स्तर पर बड़ी सफलताएं दिलाईं और बार्सिलोना जैसी मजबूत टीम के खिलाफ रियाल मैड्रिड की प्रतिस्पर्धा को फिर से स्थापित किया।
उनके कार्यकाल में टीम ने 2011 में कोपा डेल रे का खिताब जीता, जिससे 18 साल का सूखा खत्म हुआ। इसके अलावा, 2011/12 के ला लीगा सीजन में रियाल मैड्रिड ने कई रिकॉर्ड बनाए, जिसमें 100 अंक हासिल करना, 121 गोल करना और एक ही सीजन में 32 जीत दर्ज करना शामिल था।
इतने ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद, आधुनिक फुटबॉल के स्तर पर मोरिन्हो की लंबी अवधि की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। मैड्रिड छोड़ने के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड, टोटेनहम हॉटस्पर और रोमा के साथ उनका सफर मिला-जुला रहा है।
रोमा में उन्होंने यूरोपीय स्तर पर सफलता हासिल की, लेकिन टीम लगातार यूईएफए चैंपियंस लीग के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाई। वहीं, प्रीमियर लीग में टोटेनहम के साथ उनका कार्यकाल कोई बड़ी ट्रॉफी जीतने में असफल रहा।
दूसरी ओर, रियाल मैड्रिड ने अतीत में भी हाई-प्रोफाइल कोचों की वापसी से सफलता पाई है। जिनेदीन जिदान और कार्लो एंसेलोटी इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जिन्होंने अलग-अलग समय में टीम को चैंपियंस लीग की ट्रॉफी दिलाई थी।
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