
Article by FOOTEM
स्पेनिश दिग्गज क्लब रियल मैड्रिड के अंदर चल रही उथल-पुथल के बीच जोस मोरिन्हो की वापसी की खबरें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि क्लब में पिछले एक हफ्ते से जारी खराब स्थिति के बाद मोरिन्हो फिर से रियल मैड्रिड की कमान संभाल सकते हैं।
ट्रेनिंग ग्राउंड पर ऑरेलियन चौमेनी और फेडे वाल्वरडे के बीच हुए झगड़े के बाद टीम के अंदर तनाव काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद सिर में चोट लगने के कारण वाल्वरडे को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी।
माना जा रहा है कि यह घटना उन कई आंतरिक विवादों में से एक है, जिन्होंने निराशाजनक प्रदर्शन कर रही मैड्रिड की टीम के बीच की दूरियों को और बढ़ा दिया है।
क्लब के अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज़ अब बर्नाबेयू में व्यवस्था बहाल करने के लिए जोस मोरिन्हो को नियुक्त करने पर विचार कर रहे हैं। पुर्तगाली कोच मोरिन्हो 2010 से 2013 के बीच पहले भी मैड्रिड के मैनेजर रह चुके हैं। ऐसी चर्चा है कि मोरिन्हो को लगता है कि उनका क्लब के साथ काम अभी अधूरा है।
कहा जा रहा है कि मोरिन्हो प्रीमियर लीग से मिलने वाले किसी भी प्रस्ताव (जिसमें चेल्सी भी शामिल है) के मुकाबले रियल मैड्रिड में वापसी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
टीम में तनाव की शुरुआत इस साल की शुरुआत में जाबी अलोंसो के क्लब छोड़ने के बाद से हुई, जिसके बाद खिलाड़ी अलग-अलग गुटों में बंट गए। विनीसियस जूनियर, जूड बेलिंघम, किलियन एम्बाप्पे और कई सीनियर खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम के अलग-अलग गुटों का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
पेरेज़ का मानना है कि मोरिन्हो का कड़ा व्यक्तित्व ही क्लब को फिर से स्थिर करने का सही समाधान है।
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